Nazm_ Kamal Funn Hai_Poet_ Atif Javed Atif
कमाल फ़न है चमकती आंखों में दर्द भर के हर एक आंसू को ज़प्त कर के सुलगते ख़्वाबों की राख लेकर यूं अपनी आंखें उजाल रखना कमाल फ़न है? बड़ी सहुलत से सुर्ख़ आंखों की सरहदो तक फ़शारे खूं को सजा के रखना, हुनर है जानां । जुबां के पत्थर उछालते हैं यह शहर वाले तो ऐसे आलम में किर्चियों को बचाए रखना, हसीन चेहरे पर मुस्कुराहट सजाए रखना. सजा के लब पर यह सुर्ख़ लाली खु़द अपने ज़ख्मों पे मुस्कुराना---कमाल फ़न है--। मलाल_ओ_ वहशत के टुकड़े टुकड़े शिकस्ता तर दिल के आईने में सियाह जु़ल्फों के पेच_ओ_ ख़म को संवार लाना कमाल फ़न है---! हसीन लड़की!! तुम्हारे चेहरे से लग रहा है कि तुम मोहब्बत में बेवफा़ई के सब अजा़बों से आशना हो- मगर उदासी का इसतेआरा! की एक आंसू भी चश्म ए ख़ुश में लगे सितारा हुनर तुम्हारा--! हसीन लड़की तुम्हारा असलूब कह रहा है-- तुम्हें मोहब्बत की नोहाखा़नी पे दस्तरस है-- आतिफ़ जावेद आतिफ़ کمال فن ہے" چمکتی آنکھوں میں درد بھر کے ۔۔ ہر ایک آنسو کو ضبط کر کے۔ ۔۔ سلگتے خوابوں کی راکھ لیکر یوں اپنی آنکھیں اُجال رکھنا ۔۔ کمال فن ہے۔ ۔؟ بڑی ...